Friday, 3 February 2017

दो जरुरी बातें A Motivational Story

दो जरुरी बातें  A Motivational Story

एक दिन एक शिकारी जंगल में शिकार करने गया. शिकारी पूरे दिन शिकार के इंतजार में जाल बिछाकर बैठा रहा लेकिन शाम होने को थी और कोई शिकार जाल में नहीं फंसा था. अचानक एक आवाज आयी, शिकारी ने जैसे ही जाल की ओर देखा उसकी ख़ुशी का ठिकाना ना रहा,एक काफी तगड़ा हिरण उसके जाल में फंस चुका था. शिकारी उसे देखकर बहुत खुश हुआ.
कुछ देर बाद शिकारी उस हिरण को उस जाल में ही बांधकर अपने साथ घर ले जाने लगा तो रास्ते में हिरण ने शिकारी से कहा:- तुमने मुझे क्यों पकड़ा और मुझे कहाँ ले जा रहे हो?

शिकारी बोला :- मैंने तुम्हे बहुत मुश्किल से अपने जाल में फंसाया है और अब मैं तुम्हे अपने घर लेकर जा रहा हूँ.
घर ले जाकर मैं तुम्हे मार दूंगा और फिर तुम्हे पकाकर मैं और मेरा पूरा परिवार खूब मजे से खायेंगे।

शिकारी की बातें सुनकर हिरण बहुत डर गया और कुछ देर सोचने के बाद शिकारी से बोला :- मेरा जीवन तो अब कुछ देर बाद तुम्हारे घर पहुँचते ही समाप्त हो जायेगा पर मैं मरने से पहले दो जरुरी बातें बताना चाहता हूँ जिसे जीवन में अपनाकर तुम्हे कभी दुःख नहीं होगा
                                                                                         
पहली:- किसी की बात पर भी बिना सोचे समझे यकीन नहीं करना चाहिये ।

दूसरी :- कुछ बुरा हो जाने पर या जो बीत गया हो उसपर कभी अफ़सोस नहीं करना चाहिये

शिकारी ने हिरण की बात को अनसुना कर दिया क्योकि उसके  दिमाग  में तो बस हिरण का शिकार ही घूम  रहा था और उसे घर पहुँचने की जल्दी थी ताकि घर ले जाकर हिरण को मार सके और खा सके. 

कुछ देर बाद हिरण फिर बोला :- तुम एक और हिरण पकड़ना चाहते हो? अगर हाँ तो बोलो  मैं तुम्हारी मदद करूँगा. 

एक और हिरण का नाम सुनते ही शिकारी के मन में लालच आ गया और उसने सोचा अगर एक और हिरण पकड़ लिया जाये तो मैं उसे बेचकर अच्छे पैसे कमा सकता हूँ.

शिकारी बोला:- हाँ मैं एक और हिरण पकड़ना चाहता हूँ पर तुम मेरी मदद क्यों करोगे जबकि तुम्हे पता है कि तुम्हे तो मैं मारकर खा जाऊंगा.                                                                                                                      
हिरण बोला:- हाँ मुझे पता है कि कुछ देर बाद तुम मुझे मार दोगे पर एक और हिरण है जंगल में जो मुझे बिलकुल पसंद नहीं है और मैं उससे बहुत नफरत भी  करता हूँ इसलिये अगर तुम उसे भी पकड़ लो तो तुम्हारा भी फायदा हो जायेगा और मैं भी चैन से मर जाऊंगा।
हिरण की बातें सुनकर शिकारी के मन में बहुत लालच आ गया और वो मन ही मन बहुत खुश होने लगा 

हिरण ने शिकारी से बोला :- तुम मुझे इस जाल से बाहर निकालो, मैं तुम्हे उस तालाब के पास ले चलता हूँ जहाँ पर वो दूसरा हिरण पानी पीने आता है वहां पहुंचकर मैं तुम्हारे साथ ही खड़ा रहूँगा और वो दूसरा हिरण जैसे ही आयेगा तुम उसे अपने जाल में फंसा लेना और फिर उसे भी घर ले जाना तुम्हारे परिवार वाले बहुत खुश हो जायेंगे। 

ये सुनकर शिकारी बहुत खुश हुआ और उसे हिरण पर विश्वास हो गया और शिकारी ने हिरण को जैसे ही जाल से बाहर निकाला वैसे ही हिरण लम्बी लम्बी छलांगे मारता हुआ भागने लगा और भागते हुये शिकारी से बोला 

मुर्ख आदमी मैंने तुम्हे दो बातें बतायी थी अगर तुमने उन पर ध्यान दिया होता तो तुम इस तरह धोखा ना खाते।
और देखते ही देखते हिरण वहां से भाग गया.


तो देखा आपने दोस्तों इस कहानी से हमे शिक्षा मिलती है कि हमे  कभी भी किसी की भी बात पर बिना सोचे समझे विश्वास नहीं करना चाहिये, और जो बीत गया उसके लिये अफ़सोस नही करना चाहिये।


                                                                                   एक संत की सीख जरूर पढ़ें 




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