Thursday, 28 September 2017

भूतों की बारात/टोली Ghost Gang

"भूतों की बारात/टोली"

आज के इस modern समय में  भूत प्रेत के बारे में सुनना या कहना दोनों ही अजीब लग सकता है।  लेकिन आज भी बड़े बुजुर्गों द्वारा सुनाई गई कहानियों और किस्सों में इनका प्रमाण मिलता है। दोस्तों भूत प्रेत होते हैं या नहीं हम इस पर कोई टिप्पणी नहीं देते हैं और ना ही किसी को किसी प्रकार की कोई सलाह देते हैं। इस लेख का उद्देश्य केवल बुजुर्गों द्वारा सुनाई गई उन कहानियों एवं किस्सों को आप सब से share करना ही है। 
दोस्तों,उत्तराखंड एक ऐसा राज्य जो अपने आँचल में समेटे हुए है खूबसूरती का खजाना। जहाँ नजर दौड़ाओ बस प्राकतिक सौंदर्य की भरमार। पर इन्ही प्राकृतिक सौंदर्य के बीच कुछ ऐसा भी है यहाँ के पहाड़ों पर बसे हुए गाँवो में जो अजीब है। और वो है यहाँ चलने वाली भूतों की बारात/टोली, इन्हे यहाँ बाण भी कहा जाता है। यहाँ रहने वाले ज्यादातर लोगों ने भूतों की बारात/टोली को महसूस किया है या यूँ कहना गलत नहीं होगा कि उन लोगों ने भूतों की बारात/टोली का आभास किया है। 


कहा जाता है की यह टोली अक्सर सितम्बर-अक्टूबर में  दोपहर के समय या रात को १२ बजे  बाद  है। और जिन लोगों ने इन्हे देखा या महसूस किया है वो ज्यादातर लोग ज्यादा समय जिन्दा नहीं रह पाये। लेकिन बहुत से ऐसे लोग भी हैं जिन्होंने इस भूतों की बारात/टोली आभास किया है लेकिन किसी देवता की कृपा से वो लोग बच गये। और उन्ही लोगो के कहे अनुसार भूतों की बारात/टोली जब चलती है तो उस टोली में बहुत ज्यादा उजाला होता है जैसे किसी ने असंख्य वाट का बल्ब जला दिया हो या फिर जैसे बहुत सारी  आग की मसाल जला दी हों। ढोल नांगड़े बज रहें हो और कई परछाइयां उस टोली में चलती हुई प्रतीत होती थी। पर कमाल की बात यह थी की वो ढोल नंगाड़े की आवाज़ और वो प्रकाश ज्यादातर लोगों को महसूस नहीं होता था लेकिन अगर कोई मनुष्य  इस टोली के बीच में या आगे गलती से आ जाता तो उसका बच पाना नामुमकिन सा हो जाता था। 
हालाँकि बहुत से ऐसे खुशकिस्मत लोग भी होंगे जिन्होंने भूतों की बारात/टोली को सुना या देखा होगा फिर भी वो बच गये या तो किसी देवता के आशीर्वाद से या फिर  अपनी किस्मत से। 


खैर जो भी हो मुझे लगता है ये सब बुजुर्गों द्वारा सुनाई गयी कहानियां झूट तो नहीं हो सकती पर हाँ ये भी एक बहुत बड़ा सत्य है कि आजकल के modern ज़माने में ये सब होना काल्पनिक ही लगता है। अगर आप भी उत्तराखंड से हो तो आप लोगों ने भी भूतों की बारात/टोली के बारे में बड़े बुजुर्गों से जरूर सुना होगा। 

कृपया इस विषय पर अपने अमूल्य विचार नीचे comment  के माध्यम से जरूर share  करें। 


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Namstebharat.com पर visit करने के लिये बहुत बहुत धन्यवाद आपका प्रेम यूँ ही बना रहे इसी विश्वास के साथ...... 

नीचे comments करके अपने विचार जरूर रखें धन्यवाद। 


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